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विश्व पर्यावरण दिवस एक मजाक है: 1100 पेड़ों का हत्यारा वीके सक्सेना

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विश्व पर्यावरण दिवस एक मज़ाक है: दिल्ली में 1100 पेड़ों की हत्या और VK सक्सेना का रोल रिसर्च द्वारा Aero nutist | जून 5,2025 हर साल 5 जून को, पूरी दुनिया विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के लिए एकजुट होती है। यह एक वैश्विक आयोजन है जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्रवाई को प्रेरित करने का दावा करता है। सरकारें, संगठन, और लोग पेड़ लगाने, जलवायु परिवर्तन से लड़ने, और ग्रह को बचाने की शपथ लेते हैं। लेकिन दिल्ली, भारत में, यह महान दिन एक क्रूर मज़ाक बन गया है। आखिर कैसे नहीं, जब दिल्ली के रिज क्षेत्र में 1100 पेड़ — शहर के हरे फेफड़े — लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना की निगरानी में निर्मम हत्या कर दिए गए, और कोर्ट ने उन्हें ज़िम्मेदारी से मुक्त कर दिया? यह सिर्फ पेड़ काटना नहीं; यह प्रकृति की नृशंस हत्या है। और विश्व पर्यावरण दिवस 2025 का पाखंड हमारे समाज की घिनौनी सच्चाई को उजागर करता है, जहाँ शक्तिशाली लोग पर्यावरणीय विनाश से आसानी से बच निकलते हैं। दिल्ली रिज: एक दमघोंटू शहर के फेफड़े दिल्ली रिज , प्राचीन अरावली पर्वतमाला का हिस्सा, सिर्फ एक जंगल नहीं है...

दिल्ली के 'फेफड़ों' पर हमला: क्या हमारे पेड़ों को कभी न्याय मिलेगा? सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एक कड़वी सच्चाई

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दिल्ली के 'फेफड़ों' पर हमला: क्या हमारे पेड़ों को कभी न्याय मिलेगा? सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एक कड़वी सच्चाई रिसर्च द्वारा Aero Nutist | मई 28,2028 "क्या हत्या करके 25000 में छूटना कानूनी सही है? पेड़ काटना हत्या के बराबर ही होता है। वह भी 1100 पेड़,ग्लोबल वार्मिंग पर असर नहीं पड़ेगा।" दिल्ली के 'फेफड़ों' पर हमला: क्या हमारे पेड़ों को कभी न्याय मिलेगा? सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एक कड़वी सच्चाई दिल्ली, जो पहले से ही दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है, अपने हरे-भरे आवरण के हर एक इंच के लिए संघर्ष कर रही है. ऐसे में, दिल्ली रिज, जिसे अक्सर शहर के "फेफड़े" कहा जाता है [1] , में 1100 से अधिक पेड़ों की निर्मम कटाई की खबर किसी सदमे से कम नहीं है [2] . यह सिर्फ पेड़ों का कटना नहीं, यह हमारे भविष्य पर, हमारे बच्चों की साँसों पर, और इस धरती के जीवन पर एक सीधा हमला है. और जब न्याय की उम्मीद में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाता है, और परिणाम उम्मीदों से परे होते हैं, तो...