AI की याददाश्त के 5 चौंकाने वाले सच: यह वैसा नहीं है जैसा आप सोचते हैं
AI की याददाश्त के 5 चौंकाने वाले सच: यह वैसा नहीं है जैसा आप सोचते हैं हम AI के भविष्य में जी रहे हैं, लेकिन हमारे सबसे उन्नत चैटबॉट भी अक्सर एक सुनहरी मछली की तरह याददाश्त रखते हैं। आपने यह निराशा ज़रूर महसूस की होगी: आप एक AI से बात करते हैं, उसे सारी जानकारी देते हैं, और अगली बातचीत में उसे कुछ भी याद नहीं रहता। उसे एक तरह की "भूलने की बीमारी" (amnesia) हो जाती है और आपको सब कुछ दोहराना पड़ता है। यह एक साधारण झुंझलाहट से कहीं ज़्यादा है; यह AI की दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक को उजागर करता है। AI को एक स्थायी और उपयोगी याददाश्त देना आज इस क्षेत्र की सबसे जटिल और दिलचस्प समस्याओं में से एक है। यह केवल डेटा स्टोर करने के बारे में नहीं है, बल्कि समय के साथ समझने, सीखने और व्यक्तिगत अनुभव बनाने के बारे में है। यह लेख Google के AI विशेषज्ञों की अंतर्दृष्टि के आधार पर पाँच सबसे आश्चर्यजनक और प्रभावशाली विचारों को उजागर करेगा, जो बताते हैं कि AI एजेंट कैसे याद रखते हैं, सीखते हैं और अनुभवों को व्यक्तिगत बनाते हैं। 1. कॉन्टेक्स्ट इंजीनियरिंग: यह सिर्फ़ प्रॉम्प्ट लिखने...