AI के बारे में 5 चौंकाने वाले सच जो ChatGPT से कहीं ज़्यादा हैं परिचय: चैटबॉट्स और इमेज जेनरेटर से परे अगर आप तकनीक की दुनिया पर नज़र रखते हैं, तो शायद आपने ChatGPT से बातचीत की होगी या AI इमेज जेनरेटर से कोई आकर्षक तस्वीर बनवाई होगी। ये उपकरण अब हमारी डिजिटल ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, जो दिखाते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कितना शक्तिशाली हो सकता है। लेकिन इन परिचित उपकरणों के नीचे, AI में एक गहरी और अधिक प्रभावशाली क्रांति हो रही है। यह क्रांति चुपचाप विज्ञान, काम करने के तरीकों और समाज की नींव को बदल रही है। यह केवल सवालों के जवाब देने या तस्वीरें बनाने के बारे में नहीं है; यह उन समस्याओं को हल करने के बारे में है जिन्हें दशकों से असंभव माना जाता था। यह पोस्ट उस गहरी क्रांति पर प्रकाश डालती है। हम AI की दुनिया से पाँच सबसे आश्चर्यजनक, अप्रत्याशित और प्रभावशाली निष्कर्षों को एक सूची के रूप में प्रस्तुत करेंगे, जो दिखाते हैं कि AI का भविष्य चैटबॉट्स से कहीं ज़्यादा रोमांचक और महत्वपूर्ण है। 1. AI अब विज्ञान की 60 साल पुरानी "असंभव" समस्याओं को हल कर रहा है AI अब केवल क...
यह AI एक दिन में 6 महीने का PhD रिसर्च करता है: मिलिए KOSMOS से, विज्ञान का भविष्य 1.0 परिचय: वैज्ञानिक खोज की धीमी प्रक्रिया और एक नए युग की सुबह वैज्ञानिक शोध पारंपरिक रूप से एक धीमी और श्रमसाध्य प्रक्रिया रही है। हज़ारों शोध पत्रों को पढ़ना, महीनों तक डेटा का विश्लेषण करना, और अक्सर ऐसे रास्तों पर पहुँचना जहाँ से आगे कोई दिशा न मिले—यह वैज्ञानिकों के लिए एक आम अनुभव है। इस धीमी गति ने हमेशा हमारी खोज की सीमाओं को परिभाषित किया है। लेकिन क्या होगा अगर यह सब बदल जाए? मिलिए KOSMOS से, एक क्रांतिकारी नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI ) जो इस वास्तविकता को बदलने का वादा करता है। यह AI वैज्ञानिक खोज को मशीन की रफ़्तार पर ले जाता है। जब खोज की रफ़्तार इतनी तेज़ हो जाए, तो क्या कुछ संभव हो सकता है? 2.0 पहला सबक: 6 महीने की रिसर्च सिर्फ़ एक दिन में KOSMOS के बारे में सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि इसका एक सिंगल रन उतना काम कर सकता है जितना एक PhD या पोस्ट-डॉक्टरल वैज्ञानिक 6 महीनों में करता है। यह असाधारण गति सिर्फ़ हवा में नहीं है—यह ठोस आंकड़ों पर आधारित है। एक अकेले रन में, KOSMOS 1,500 ...