Man's Search for Meaning is a book by psychiatrist Viktor Book summary explanation and review
नरक के बीच जीवन का अर्थ: विक्टर फ्रैंकल के वे 5 सबक जो आपकी सोच बदल देंगे 1. परिचय: नर्क में परखी गई एक सच्चाई कल्पना कीजिए उस क्षितिज की जहाँ धुएँ की चिमनियाँ केवल राख नहीं, बल्कि मानवीय अस्तित्व के अवशेष उगल रही हैं। ऑशविट्ज़ (Auschwitz) की वह धूसर सुबह, कटीले तारों का घेरा और 'कैदी नंबर 119,104'—यह विक्टर फ्रैंकल की वास्तविकता थी। एक अस्तित्ववादी मनोवैज्ञानिक (Existential Psychologist) के रूप में, फ्रैंकल ने उस नर्क को केवल झेला नहीं, बल्कि उसे एक 'जीवित प्रयोगशाला' में बदल दिया। आज के दौर में जब समाज 'अस्तित्ववादी शून्यता' (Existential Vacuum) और अर्थहीनता के खालीपन से जूझ रहा है, फ्रैंकल की 'लोगोथेरेपी' (Logotherapy) महज़ एक अकादमिक सिद्धांत नहीं, बल्कि नर्क की आग में तपकर निकली एक कालजयी सच्चाई है। यह लेख उनकी कालजयी रचना " Man's Search for Meaning " के उन गहन सत्यों का विश्लेषण है जो आपके जीवन को देखने के नज़रिए को आमूल-चूल बदल सकते हैं। 2. जीवन का 'क्यों' (The 'Why'): अस्तित्व का आधार और प्रेम की शक्ति शिविर के अमानव...