Flowers for Algernon Novelette by Daniel Keyes book summary, explanation and review
'Flowers for Algernon' से 5 गहरे जीवन के सबक: क्या केवल बुद्धिमत्ता ही सब कुछ है? कल्पना कीजिए कि आप एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ आपकी मंदबुद्धि का हर कोई मज़ाक उड़ाता है, और अचानक एक वैज्ञानिक प्रयोग आपकी बुद्धि को तीन गुना बढ़ा देता है। रातों-रात आपकी चेतना का विस्तार होता है और आप एक जीनियस बन जाते हैं। डैनियल कीज़ ( Daniel Keyes ) के उपन्यास ' Flowers for Algernon ' में 37 वर्षीय 'चार्ली गॉर्डन' इसी यात्रा से गुजरता है। चार्ली का IQ मात्र 68 था, लेकिन उसमें सीखने की एक तीव्र इच्छा थी, जिसे वह स्वयं "motor-vation" कहता था। एक साहित्यिक समीक्षक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषक के रूप में, जब हम चार्ली की कहानी देखते हैं, तो यह केवल एक विज्ञान-कथा नहीं रह जाती। यह मानवीय गरिमा, अधूरे आघातों और ज्ञान की क्रूरता का एक गहरा दस्तावेज़ बन जाती है। क्या यह बौद्धिक विकास वास्तव में चार्ली के लिए एक वरदान था, या यह उसके एकाकीपन का कारण बन गया? आइए इन 5 गहरे मनोवैज्ञानिक सबकों के माध्यम से इसे समझते हैं। -----------------------------------------------------------...