The 48 Laws of Power: 5 Unspoken Lessons Nobody Teaches You
रॉबर्ट ग्रीन के 48 नियमों से 5 चौंकाने वाले सबक जो आपकी सोच बदल देंगे परिचय: शक्तिहीन महसूस करने का सच शक्तिहीन महसूस करने से बुरा कुछ नहीं होता। यह एक सार्वभौमिक अनुभव है—जब आपके विचारों को नज़रअंदाज़ किया जाता है, आपकी आवाज़ अनसुनी कर दी जाती है, और आप अपने आसपास की दुनिया पर कोई प्रभाव नहीं डाल पाते। जैसा कि लेखक रॉबर्ट ग्रीन ने कहा है, "जब आपके सहकर्मी आपको नहीं सुनते, आपका बॉस आपको अनसुना कर देता है, और आप पूरी तरह से शक्तिहीन होते हैं... तो यह दुनिया का सबसे बुरा एहसास है।" इसी जटिल और अक्सर छिपी हुई दुनिया को समझने के लिए ग्रीन ने अपनी विवादास्पद पुस्तक, "शक्ति के 48 नियम" ( The 48 Laws of Power ) लिखी। यह महज़ एक किताब नहीं, बल्कि उस दुनिया के लिए एक आवश्यक, अमोरल गाइड है जो अक्सर एक "विशाल षड्यंत्रकारी दरबार" की तरह काम करती है। जहाँ कुछ नियम चौंकाने वाले लग सकते हैं, वहीं वे मानव स्वभाव के बारे में गहरी सच्चाई को उजागर करते हैं। हालांकि, ग्रीन का इरादा शिकारियों के लिए एक नियमावली बनाना नहीं, बल्कि हमें रक्षात्मक जागरूकता के लिए "जंगल के क...