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Talking to strangers book review summary and explanation

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अजनबियों को समझने में हम इतने बुरे क्यों हैं? 3 चौंकाने वाले सच जो आपकी सोच बदल देंगे क्या आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाक़ात की है जिसके बारे में आपको लगा हो कि आप उसे जानते हैं, लेकिन बाद में पता चला कि आपका अंदाज़ा पूरी तरह से गलत था? हम सब इस अनुभव से गुज़रते हैं। किसी अजनबी के इरादों, भावनाओं और सच्चाई को समझना बेहद मुश्किल क्यों है? मैल्कम ग्लैडवेल अपनी अभूतपूर्व किताब टॉकिंग टू स्ट्रेंजर्स ( Talking to Strangers ) में इसी जटिल समस्या की गहराई से पड़ताल करते हैं। वह सैंड्रा ब्लैंड के दुखद मामले से शुरुआत करते हैं, जिनकी ऑफिसर ब्रायन एन्सिनिया के साथ एक साधारण ट्रैफिक स्टॉप पर हुई मुलाक़ात एक विनाशकारी घटना में बदल गई। यह मामला इस बात का एक शक्तिशाली उदाहरण है कि कैसे अजनबियों के साथ हमारी बातचीत, बुनियादी गलतफहमियों के कारण, भयावह रूप ले सकती है। ग्लैडवेल तर्क देते हैं कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी, बल्कि यह उन तीन घातक गलतियों का परिणाम थी जो हम सब करते हैं: हम सच पर आँख मूँदकर भरोसा करते हैं, हम मानते हैं कि हम किसी के चेहरे को पढ़ सकते हैं, और हम उस व्यक्ति के संदर्भ को पूरी तर...

5 Nobel Prize-Winning Mind Secrets That Will Change How You Think | Daniel Kahneman's Research

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  नोबेल पुरस्कार विजेता के 5 दिमागी रहस्य जो आपकी सोच बदल देंगे परिचय: आपके दिमाग के छिपे रहस्य हममें से ज़्यादातर लोग अपने रोज़मर्रा के फ़ैसलों, राय और यादों को लेकर काफ़ी आश्वस्त महसूस करते हैं। हमें लगता है कि हम जो सोचते हैं, वह तर्कसंगत और विश्वसनीय है। लेकिन क्या हो अगर हमारे सोचने के तरीके में ही कुछ ऐसी बुनियादी खामियां हों, जिन पर हम कभी गौर ही नहीं करते? नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री डेनियल काह्नमैन ने अपनी अभूतपूर्व पुस्तक थिंकिंग, फ़ास्ट एंड स्लो (Thinking, Fast and Slow) में मन की इसी छिपी हुई मशीनरी का पर्दाफ़ाश किया है। उनका काम हमें यह दिखाता है कि हमारा दिमाग़ कैसे काम करता है और अक्सर हमें कैसे धोखा देता है। यह पोस्ट काह्नमैन के शोध से निकले पाँच सबसे आश्चर्यजनक और प्रभावशाली निष्कर्षों को आपके सामने रखेगा, जो सोचने के बारे में आपकी सोच को हमेशा के लिए बदल सकते हैं। 1. आपके पास दो मन हैं, और आवेगी मन आमतौर पर नियंत्रण में रहता है काह्नमैन हमारे सोचने की प्रक्रिया को दो प्रणालियों (सिस्टम) के ढांचे में समझाते हैं: सिस्टम 1: यह तेज़, स्वचालित, सहज और बिना किस...