Posts

Showing posts with the label Influence

Mastering The Laws of Human Nature — A Complete Practical Guide

Image
  इंसानी व्यवहार के वे 5 कड़वे सच जो आपकी सफलता की राह खोल देंगे: 'The Laws of Human Nature' का सार सबसे बड़ा झूठ जो आप खुद से हर सुबह बोलते हैं, वो यह है कि "मैं अपने जीवन और निर्णयों के पूर्ण नियंत्रण में हूँ।" हकीकत इससे कहीं अधिक कड़वी है। आप जिसे अपना 'स्वभाव' या 'इच्छाशक्ति' कहते हैं, वह अक्सर आपके भीतर छिपे एक "अजनबी" (stranger within us) के इशारों पर नाचती है। यह अजनबी वह आदिम शक्ति है जो आपके चेतन मन (conscious mind) से स्वतंत्र होकर काम करती है और आपको आत्म-विनाशकारी पैटर्न की ओर धकेलती है। एक व्यवहार विज्ञान विशेषज्ञ और आधुनिक दार्शनिक के रूप में, मैं आपको रॉबर्ट ग्रीन की कालजयी पुस्तक के उन गहरे सत्यों से रूबरू करा रहा हूँ, जिन्हें स्वीकार किए बिना सफलता का शिखर केवल एक मृगतृष्णा है। 1. तर्कसंगतता का भ्रम (The Illusion of Rationality) आप तर्कसंगत (rational) पैदा नहीं हुए हैं; यह एक ऐसा कौशल है जिसे मरते दम तक साधना पड़ता है। आपकी अधिकांश असफलताएं आपकी "लो-ग्रेड अतार्किकता" (Low-grade irrationality) का परिणाम हैं—वह निरंतर चल...

How to Win Friends and Influence People: Complete Expert Breakdown of Dale Carnegie’s 30 Principles

Image
  डेल कार्नेगी के 5 चौंकाने वाले सिद्धांत जो आपकी ज़िंदगी बदल सकते हैं परिचय हम सभी प्रभावशाली बनना चाहते हैं और मज़बूत रिश्ते बनाना चाहते हैं। लेकिन हमारी स्वाभाविक प्रवृत्ति अक्सर हमें बहस करने, आलोचना करने या खुद पर ध्यान केंद्रित करने की ओर ले जाती है, जो लोगों को हमसे दूर कर देती है। हम सोचते हैं कि अपनी बात साबित करके हम जीत जाएँगे, लेकिन असल में हम भावनात्मक सद्भावना खो देते हैं। यहीं पर डेल कार्नेगी की सदाबहार किताब, "हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल", मानव संबंधों पर गहरा, लेकिन अक्सर सहज ज्ञान के विपरीत, ज्ञान का स्रोत बनकर सामने आती है। इस पोस्ट में, हम उन पाँच सिद्धांतों की गहराई में उतरेंगे जो आपकी सोच को चुनौती देंगे और आपको मानवीय संबंधों का मास्टर बनने की राह दिखाएँगे। ये सिद्धांत आपको दूसरों के साथ जुड़ने का एक ज़्यादा असरदार तरीका सिखाएँगे। सिद्धांत 1: बहस जीतने का एकमात्र तरीका है उससे बचना यह विचार हमारे सहज ज्ञान के बिल्कुल विपरीत है। कार्नेगी का तर्क है कि आप वास्तव में कभी कोई बहस नहीं जीत सकते। क्यों? क्योंकि अगर आप हारते हैं, तो आप हारते हैं; और ...