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To Sell Is Human Summary: 9 Powerful Lessons on Persuasion, Influence and Ethical Selling

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  बिक्री का नया चेहरा: क्यों हम सब अब सेल्समैन हैं (और इसे प्रभावी ढंग से कैसे करें) 'बिक्री' या 'सेल्स'—यह शब्द सुनते ही अक्सर हमारे मन में एक चालाक कार सेल्समैन की छवि उभरती है, जो अपनी बातों से हमें वह चीज़ खरीदने पर मजबूर कर देता है जिसकी हमें ज़रूरत नहीं। हम इस शब्द से झिझकते हैं, इसे 'छल' या 'चालाकी' से जोड़कर देखते हैं। लेकिन एक मनोवैज्ञानिक विश्लेषक के रूप में, मैं आपको एक अलग वास्तविकता दिखाना चाहता हूँ। डैनियल पिंक का शोध स्पष्ट करता है कि आज के आधुनिक कार्यस्थल में 'बिक्री' का अर्थ बदल चुका है। अब यह केवल सामान बेचने के बारे में नहीं, बल्कि दूसरों को प्रभावित करने, उन्हें किसी विचार के लिए राजी करने या अपनी बात से सहमत करने के बारे में है। संक्षेप में कहें तो—'दूसरों को मूव करना' (Moving Others) ही आज की असली बिक्री है। हम सभी 'बिक्री' में हैं (चाहे हमें पता हो या नहीं) डैनियल पिंक ने अपनी किताब 'टू सेल इज़ ह्यूमन' में एक क्रांतिकारी विचार प्रस्तुत किया है जिसे वे 'नॉन-सेल्स सेलिंग' (Non-sales selling) ...

Five Stars by Carmine Gallo Summary: The Psychology of Communication, Influence, and Leadership

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अजेय बनने का राज: आपके विचारों को प्रभावशाली बनाने के 5 क्रांतिकारी सूत्र कल्पना कीजिए कि बहु-क्षेत्रीय अभियानों ( Multi-domain operations ) का नेतृत्व करने वाला एक सैन्य कमांडर सूचनाओं के अथाह समुद्र में डूब रहा है। उसके सामने डेटा का अंबार है, लेकिन निर्णय लेने की क्षमता पंगु हो चुकी है। यह 'सूचनात्मक अतिभार' ( Information Overload ) की वह स्थिति है जहाँ ज्ञान 'समझ' में नहीं बदल पाता। व्यावसायिक जगत में भी यही स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक अत्यंत बुद्धिमान व्यक्ति केवल इसलिए असफल हो जाता है क्योंकि वह अपनी बात प्रभावी ढंग से नहीं कह पाता। वास्तव में, संवाद ( Narrative ) मानवीय नेतृत्व का 'संज्ञानात्मक ऑपरेटिंग सिस्टम' है। आज के युग में आपके विचार ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, लेकिन यदि आप उन्हें 'बेच' नहीं सकते, तो वे अर्थहीन हैं। 1. स्वचालन के युग में आपकी 'सुपरपावर': अनुनय (Persuasion) ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोध के अनुसार, आगामी दशक में लगभग 47% नौकरियां स्वचालन ( Automation ) के कारण समाप्त हो सकती हैं। मशीनें डेटा का विश्लेषण करने मे...

Mastering The Laws of Human Nature — A Complete Practical Guide

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  इंसानी व्यवहार के वे 5 कड़वे सच जो आपकी सफलता की राह खोल देंगे: 'The Laws of Human Nature' का सार सबसे बड़ा झूठ जो आप खुद से हर सुबह बोलते हैं, वो यह है कि "मैं अपने जीवन और निर्णयों के पूर्ण नियंत्रण में हूँ।" हकीकत इससे कहीं अधिक कड़वी है। आप जिसे अपना 'स्वभाव' या 'इच्छाशक्ति' कहते हैं, वह अक्सर आपके भीतर छिपे एक "अजनबी" (stranger within us) के इशारों पर नाचती है। यह अजनबी वह आदिम शक्ति है जो आपके चेतन मन (conscious mind) से स्वतंत्र होकर काम करती है और आपको आत्म-विनाशकारी पैटर्न की ओर धकेलती है। एक व्यवहार विज्ञान विशेषज्ञ और आधुनिक दार्शनिक के रूप में, मैं आपको रॉबर्ट ग्रीन की कालजयी पुस्तक के उन गहरे सत्यों से रूबरू करा रहा हूँ, जिन्हें स्वीकार किए बिना सफलता का शिखर केवल एक मृगतृष्णा है। 1. तर्कसंगतता का भ्रम (The Illusion of Rationality) आप तर्कसंगत (rational) पैदा नहीं हुए हैं; यह एक ऐसा कौशल है जिसे मरते दम तक साधना पड़ता है। आपकी अधिकांश असफलताएं आपकी "लो-ग्रेड अतार्किकता" (Low-grade irrationality) का परिणाम हैं—वह निरंतर चल...

How to Win Friends and Influence People: Complete Expert Breakdown of Dale Carnegie’s 30 Principles

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  डेल कार्नेगी के 5 चौंकाने वाले सिद्धांत जो आपकी ज़िंदगी बदल सकते हैं परिचय हम सभी प्रभावशाली बनना चाहते हैं और मज़बूत रिश्ते बनाना चाहते हैं। लेकिन हमारी स्वाभाविक प्रवृत्ति अक्सर हमें बहस करने, आलोचना करने या खुद पर ध्यान केंद्रित करने की ओर ले जाती है, जो लोगों को हमसे दूर कर देती है। हम सोचते हैं कि अपनी बात साबित करके हम जीत जाएँगे, लेकिन असल में हम भावनात्मक सद्भावना खो देते हैं। यहीं पर डेल कार्नेगी की सदाबहार किताब, "हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल", मानव संबंधों पर गहरा, लेकिन अक्सर सहज ज्ञान के विपरीत, ज्ञान का स्रोत बनकर सामने आती है। इस पोस्ट में, हम उन पाँच सिद्धांतों की गहराई में उतरेंगे जो आपकी सोच को चुनौती देंगे और आपको मानवीय संबंधों का मास्टर बनने की राह दिखाएँगे। ये सिद्धांत आपको दूसरों के साथ जुड़ने का एक ज़्यादा असरदार तरीका सिखाएँगे। सिद्धांत 1: बहस जीतने का एकमात्र तरीका है उससे बचना यह विचार हमारे सहज ज्ञान के बिल्कुल विपरीत है। कार्नेगी का तर्क है कि आप वास्तव में कभी कोई बहस नहीं जीत सकते। क्यों? क्योंकि अगर आप हारते हैं, तो आप हारते हैं; और ...