Feel the fear Book summary explanation and review
डर का सामना कैसे करें: सुसान जेफ़र्स के ५ जीवन बदलने वाले मनोवैज्ञानिक सबक 1. प्रस्तावना कल्पना कीजिए कि आपको करियर में एक बड़ा बदलाव करना है या किसी बड़ी सभा के सामने बोलना है। क्या आपके पैर डगमगाते हैं? क्या आपका दिल तेज़ी से धड़कने लगता है? लोकप्रिय ब्लॉगर 'टाइगर लिली' के लिए यह एक नियमित दुविधा थी, लेकिन सुसान जेफ़र्स की कालजयी पुस्तक 'फ़ील द फ़ियर एंड डू इट एनीवे' ( Feel the Fear and Do It Anyway ) की मदद से वे न केवल अपने डर से पार पा सकीं, बल्कि हांगकांग जाकर बसने का साहसी कदम भी उठा पाईं। एक आधुनिक मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से, डर कोई बाधा नहीं है जिसे हटाया जाना चाहिए, बल्कि यह आपके 'कंफर्ट ज़ोन' (Comfort Zone) के विस्तार का एक स्वाभाविक संकेत है। 2. डर के तीन स्तर: यह कभी खत्म नहीं होता ( The Three Levels of Fear ) मनोविज्ञान में हम इसे 'संज्ञानात्मक पुनर्संरचना' ( Cognitive Restructuring ) कहते हैं। जब तक आप विकसित हो रहे हैं, डर बना रहेगा। इसे बेहतर समझने के लिए जेफ़र्स ने डर को तीन स्तरों में विभाजित किया है: स्तर १ (सतही डर): यह बाहरी स्...