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How to stop worrying and start living book summary, explanation and review

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  चिंता करना छोड़ें: 1948 की एक किताब के 5 आश्चर्यजनक रहस्य जो आज भी कारगर हैं चिंता करना हम सबकी आदत है। यह एक ऐसी सार्वभौमिक मानवीय आदत है जो हमारी खुशी चुरा लेती है, हमारी ऊर्जा खत्म कर देती है, और हमें वर्तमान में पूरी तरह से जीने से रोकती है। लेकिन क्या होगा अगर मैं आपसे कहूँ कि हमारी अधिकांश चिंताएँ पूरी तरह से व्यर्थ हैं? अब, इस पर एक पल के लिए विचार करें। शोध आश्चर्यजनक रूप से कुछ और ही कहते हैं: जिन चीजों के बारे में हम चिंता करते हैं, उनमें से 40% कभी होती ही नहीं हैं, 30% अतीत के बारे में होती हैं जिन्हें बदला नहीं जा सकता, और केवल 8% चिंताएं ही वास्तव में उन समस्याओं से संबंधित होती हैं जो सच होती हैं। इसका मतलब है कि हमारी 92% चिंताएँ या तो काल्पनिक हैं या उन चीजों के बारे में हैं जिन्हें हम नियंत्रित नहीं कर सकते। इस समस्या का एक कालातीत समाधान डेल कार्नेगी की क्लासिक पुस्तक, "हाउ टू स्टॉप वरीइंग एंड स्टार्ट लिविंग" ( How to Stop Worrying and Start Living ) में मिलता है, जो पहली बार 1948 में प्रकाशित हुई थी। यह पुस्तक चिंता पर काबू पाने के लिए व्यावहारिक ज्ञान क...

Quite by Susan cain Book summary explanation and review

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  खामोशी की ताकत: सुज़न केन की किताब 'क्वाइट' से 4 सबक जो दुनिया को देखने का आपका नज़रिया बदल देंगे 1.0 परिचय: मुखर होने का दबाव हमारे समाज में हर तरफ से एक ही आवाज़ आती है: मुखर बनो, आगे बढ़ो, अपनी बात रखो। पार्टियों की जान बनो, मीटिंग्स में सबसे पहले बोलो, और कभी भी चुपचाप कोने में खड़े मत रहो। ऐसा लगता है जैसे सफलता और खुशी का सीधा संबंध इस बात से है कि आप कितनी ज़ोर से और कितनी बार बोलते हैं। लेकिन क्या यह पूरा सच है? सुज़न केन की विश्व-प्रसिद्ध पुस्तक "क्वाइट: द पावर ऑफ़ इंट्रोवर्ट्स इन ए वर्ल्ड दैट कांट स्टॉप टॉकिंग" ( Quiet: The Power of Introverts in a World That Can't Stop Talking ) इस धारणा को चुनौती देती है। यह किताब उन लोगों की छिपी हुई शक्तियों को उजागर करती है जो सोचने के लिए समय लेते हैं, जो सुनने को बोलने से ज़्यादा महत्व देते हैं। इस लेख का उद्देश्य केन की किताब से निकले उन सबसे प्रभावशाली और आश्चर्यजनक सबकों को आपके सामने रखना है। ये सबक केवल जानकारी नहीं हैं; ये हमारे समाज और खुद को देखने का एक नया चश्मा हैं, जो शायद आपको उस 'खામੀ' को अपनी सबसे ब...

Talking to strangers book review summary and explanation

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अजनबियों को समझने में हम इतने बुरे क्यों हैं? 3 चौंकाने वाले सच जो आपकी सोच बदल देंगे क्या आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाक़ात की है जिसके बारे में आपको लगा हो कि आप उसे जानते हैं, लेकिन बाद में पता चला कि आपका अंदाज़ा पूरी तरह से गलत था? हम सब इस अनुभव से गुज़रते हैं। किसी अजनबी के इरादों, भावनाओं और सच्चाई को समझना बेहद मुश्किल क्यों है? मैल्कम ग्लैडवेल अपनी अभूतपूर्व किताब टॉकिंग टू स्ट्रेंजर्स ( Talking to Strangers ) में इसी जटिल समस्या की गहराई से पड़ताल करते हैं। वह सैंड्रा ब्लैंड के दुखद मामले से शुरुआत करते हैं, जिनकी ऑफिसर ब्रायन एन्सिनिया के साथ एक साधारण ट्रैफिक स्टॉप पर हुई मुलाक़ात एक विनाशकारी घटना में बदल गई। यह मामला इस बात का एक शक्तिशाली उदाहरण है कि कैसे अजनबियों के साथ हमारी बातचीत, बुनियादी गलतफहमियों के कारण, भयावह रूप ले सकती है। ग्लैडवेल तर्क देते हैं कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी, बल्कि यह उन तीन घातक गलतियों का परिणाम थी जो हम सब करते हैं: हम सच पर आँख मूँदकर भरोसा करते हैं, हम मानते हैं कि हम किसी के चेहरे को पढ़ सकते हैं, और हम उस व्यक्ति के संदर्भ को पूरी तर...

Never get a real job book review summary and explanation

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  कभी 'असली' नौकरी मत करो: पारंपरिक करियर के बारे में सबसे बड़ा झूठ जो आपको बताया गया था १. परिचय: वह करियर पथ जिसका हमसे वादा किया गया था (क्या हमें करियर के बारे में झूठ बताया गया है?) क्या आप कभी अपनी ९-से-५ की नौकरी में फंसा हुआ महसूस करते हैं? या बेरोजगारी के डर से चिंतित रहते हैं? या इस बात से निराश हैं कि "खूब पढ़ाई करो, अच्छी नौकरी पाओ" वाला वादा अब पुराना और खोखला लगता है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। यह रास्ता, जिस पर चलने के लिए हमें प्रोत्साहित किया गया, अब एक भूलभुलैया जैसा लगता है। पीढ़ियों से हमें एक ही मंत्र सिखाया गया है। जैसा कि स्रोत सामग्री में बताया गया है: "जब हमारे माता-पिता १९५०, १९६० और १९७० के दशक में बड़े हुए, तो किसी बड़ी कंपनी ('The Man') के लिए काम करना ही एकमात्र विकल्प था... इस प्रकार, यह मंत्र पैदा हुआ: कड़ी मेहनत करो, अच्छे ग्रेड लाओ, कॉलेज जाओ, और एक नौकरी पाओ।" यह एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य का खाका माना जाता था। लेकिन आज की दुनिया में, यह खाका टूट रहा है। स्कॉट गर्बर की किताब, Never Get a "Real" Job , ...

Anxious for nothing summary and explanation

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  मैक्स लुकाडो की 'एन्क्शियस फॉर नथिंग' से 5 चौंकाने वाले सबक जो आपकी चिंता को शांत कर सकते हैं 1.0 परिचय: चिंता के शोर में शांति की खोज आज की भागदौड़ और अराजकता भरी दुनिया में, चिंता एक ऐसी भावना है जिसे हम में से अधिकांश लोग जानते हैं। अनिश्चित भविष्य के बारे में चिंता, दैनिक जीवन का दबाव, और लगातार हो रहे बदलाव हमारे मन में बेचैनी पैदा कर सकते हैं। आप इसमें अकेले नहीं हैं; चिंता अमेरिका में प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य चिंता का विषय है। इस निरंतर शोर के बीच, क्या वास्तव में शांति पाना संभव है? मैक्स लुकाडो अपनी पुस्तक, 'एन्क्शियस फॉर नथिंग' में इसी प्रश्न का उत्तर देते हैं। यह पुस्तक केवल एक सैद्धांतिक चर्चा नहीं है, बल्कि शांति पाने के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। यह लेख पुस्तक के पांच सबसे प्रभावशाली और आश्चर्यजनक विचारों को प्रस्तुत करता है जो आपको चिंता पर काबू पाने और अपने जीवन में शांति को फिर से स्थापित करने में मदद कर सकते हैं। 2.0 आनंद एक एहसास नहीं, बल्कि एक चुनाव है हम अक्सर यह सोचते हैं कि खुशी या आनंद बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर करता है—एक अच्छी नौकरी...

Big magic book gives you creativity in your life

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एलिजाबेथ गिल्बर्ट की 'बिग मैजिक' से सीखें: डर को दोस्त बनाकर कैसे जिएँ एक रचनात्मक जीवन Introduction क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप कुछ बनाना चाहते हों - एक किताब लिखना, एक पेंटिंग बनाना, या बस एक नया प्रोजेक्ट शुरू करना - लेकिन किसी अनजाने डर ने आपको रोक दिया हो? शायद आपके मन में यह ख्याल आया हो कि "मैं रचनात्मक नहीं हूँ" या "लोग क्या कहेंगे?"। अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। यह एक बहुत ही आम एहसास है जो हमें हमारे भीतर छिपे खजानों को बाहर लाने से रोकता है। लेकिन क्या हो अगर डर को खत्म करने के बजाय, हम उसके साथ जीना सीख लें? एलिजाबेथ गिल्बर्ट की शानदार किताब, "बिग मैजिक: क्रिएटिव लिविंग बियॉन्ड फियर" ( Big Magic : Creative Living Beyond Fear), हमें यही सिखाती है। यह किताब रचनात्मकता के बारे में हमारे कई भ्रमों को तोड़ती है और हमें एक अधिक साहसी, जिज्ञासु और आनंदमय जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है। यह लेख इस किताब के कुछ सबसे आश्चर्यजनक और प्रभावशाली विचारों को आपके सामने रखेगा। ------------------------------------------------------------------...

Make your bed makes you leader

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  पढ़ने के बारे में 5 चौंकाने वाले सच जो किताबें देखने का आपका नज़रिया बदल देंगे जब हम कोई किताब चुनते हैं, तो अक्सर उसके कवर, उसकी प्रतिष्ठा, या "महान साहित्य" माने जाने वाले बोझिल मानकों से प्रभावित हो जाते हैं। हम यह मान लेते हैं कि सफलता की कुंजी बड़ी चुनौतियों का सामना करने में है, साहित्यिक पुरस्कार जीतने वाली किताबें हमेशा अच्छी लिखी होती हैं, और एक क्लासिक को हमेशा क्लासिक ही माना गया होगा। लेकिन क्या होगा अगर पढ़ने, सफलता और एक किताब को "अच्छा" बनाने वाली हमारी कुछ मूल मान्यताएँ आश्चर्यजनक रूप से गलत हों? यह लेख विभिन्न विचारकों और लेखकों के पाँच ऐसे विचारों की पड़ताल करेगा जो पारंपरिक ज्ञान को चुनौती देते हैं। यह एक यात्रा है जो व्यक्तिगत अनुशासन से शुरू होकर बौद्धिक निर्णय तक पहुँचती है, और हमें किताबों और पढ़ने की कला को एक नए नज़रिए से देखने के लिए मजबूर करती है। 1. दुनिया बदलने के लिए, पहले अपना बिस्तर ठीक करें एडमिरल विलियम एच. मैकरेवन की किताब मेक योर बेड (Make Your Bed) एक सरल लेकिन शक्तिशाली विचार प्रस्तुत करती है: दिन की शुरुआत एक छोटे, पूरे किए ...