Thinking in between book explain summary and review
निर्णय या भाग्य? एनी ड्यूक से सीखें अनिश्चितता में बेहतर फैसले लेने के 6 क्रांतिकारी सूत्र
क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आपने किसी प्रोजेक्ट के लिए दिन-रात एक कर दिया, हर बारीक पहलू पर गहराई से विचार किया, लेकिन अंत में परिणाम एक बड़ी असफलता रहा? ऐसी स्थितियों में हम अक्सर अपनी काबिलियत पर शक करने लगते हैं। लेकिन निर्णय विज्ञान (Decision Science) के विशेषज्ञ के रूप में, मैं आपको एक अलग नजरिया देना चाहता हूँ: एक खराब परिणाम का मतलब हमेशा एक खराब फैसला नहीं होता।
मिलिए एनी ड्यूक से। एनी न केवल एक विश्व स्तरीय पोकर चैंपियन (World Series of Poker गोल्ड ब्रेसलेट विजेता) हैं, बल्कि संज्ञानात्मक मनोविज्ञान (Cognitive Psychology) में पी.एच.डी. भी हैं। उन्होंने अपने पोकर के अनुभवों और वैज्ञानिक शोध को मिलाकर एक अनूठा दर्शन विकसित किया है जिसे वे "थिंकिंग इन बेट्स" (Thinking in Bets) कहती हैं। उनका मूल मंत्र सरल है: जीवन शतरंज की तरह नहीं, बल्कि पोकर की तरह है—जहाँ अधूरा डेटा और किस्मत दोनों ही हमारे परिणामों को प्रभावित करते हैं।
यहाँ एनी ड्यूक के 6 क्रांतिकारी सूत्र दिए गए हैं जो आपके निर्णय लेने की प्रक्रिया (Decision Process) को वैज्ञानिक रूप से बेहतर बना सकते हैं।
--------------------------------------------------------------------------------
1. "रिजल्टिंग" (Resulting) के जाल से बचें
निर्णय विज्ञान में सबसे घातक गलती को एनी "रिजल्टिंग" कहती हैं। इसका अर्थ है किसी निर्णय की गुणवत्ता को केवल उसके परिणाम के आधार पर आंकना।
उदाहरण: 2015 के सुपर बाउल के उस चर्चित पल को देखें जब सिएटल सीहॉक्स के कोच पीट कैरोल ने खेल के अंतिम 26 सेकंड में 'पास' (Pass) देने का फैसला किया। वह पास इंटरसेप्ट हो गया और उनकी टीम हार गई। आलोचकों ने इसे इतिहास का सबसे खराब फैसला कहा। लेकिन सांख्यिकीय रूप से, वह एक शानदार निर्णय था। उस स्थिति में इंटरसेप्शन की संभावना केवल 10% थी। कैरोल ने उस रणनीति पर दांव लगाया था जो 90% बार सफल होती है, लेकिन वे उस बदकिस्मत 10% के दायरे में आ गए।
हमें यह समझना होगा कि एक "बुरा परिणाम" हमेशा "बुरा निर्णय" नहीं होता। एनी के शब्दों में:
"एक महान निर्णय वह नहीं है जिसका परिणाम महान हो। एक महान निर्णय एक अच्छी प्रक्रिया का परिणाम है, और उस प्रक्रिया में अपने ज्ञान की वर्तमान स्थिति का सटीक प्रतिनिधित्व करने का प्रयास शामिल होना चाहिए।"
--------------------------------------------------------------------------------
2. जीवन शतरंज नहीं, पोकर है (Life is Poker, Not Chess)
शतरंज में 'छिपी हुई जानकारी' शून्य होती है; सभी गोटियाँ बोर्ड पर सामने होती हैं। लेकिन असल जिंदगी और पोकर दोनों अनिश्चितता से भरे हैं।
शतरंज जैसी सोच बनाम पोकर जैसी सोच:
- शतरंज (Chess): यदि आप हारते हैं, तो इसका मुख्य कारण आपकी अपनी गलती होती है। यहाँ किस्मत की भूमिका नगण्य है।
- पोकर (Poker): यहाँ जानकारी अधूरी होती है। आप दुनिया का सर्वश्रेष्ठ फैसला ले सकते हैं और फिर भी 'किस्मत' के कारण हार सकते हैं।
अपनी अज्ञानता को स्वीकार करना और गर्व से यह कहना कि "मुझे नहीं पता", सत्य की ओर बढ़ने का पहला कदम है। यह आपको अनिश्चितता के लिए तैयार करता है।
--------------------------------------------------------------------------------
3. विश्वासों का अंशांकन (Belief Calibration)
हम अक्सर "मैं 100% निश्चित हूँ" जैसे दावे करते हैं। एनी के अनुसार, यह 'प्रेरित तर्क' (Motivated Reasoning) का परिणाम है, जहाँ हम नए डेटा को केवल अपने पुराने विश्वासों को सही साबित करने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
इस पूर्वाग्रह से बचने के लिए खुद से पूछें: "Wanna bet?" (क्या आप दांव लगाएंगे?)। जैसे ही पैसे या प्रतिष्ठा दांव पर लगती है, हम अपने "विश्वासों का अंशांकन" (Belief Calibration) करने लगते हैं। हम सोचने लगते हैं कि हमारी जानकारी का स्रोत क्या है और हम कितने गलत हो सकते हैं।
विशेषज्ञ सलाह: हमेशा अपने दावों के साथ प्रतिशत जोड़ें (जैसे "मैं 70% आश्वस्त हूँ")। यह आपको नए डेटा के आधार पर अपने विचारों को बदलने के लिए लचीला बनाता है। साथ ही, एक "सत्य-खोज समूह" (Truth-seeking group) बनाएं। अकेले अपने संज्ञानात्मक पूर्वाग्रहों (Cognitive Biases) को पहचानना असंभव है; आपको ऐसे लोगों की जरूरत है जो आपके विचारों को चुनौती दे सकें।
--------------------------------------------------------------------------------
4. मानसिक समय यात्रा: 10-10-10 नियम
हम अक्सर 'टेंपोरल डिस्काउंटिंग' (Temporal Discounting) का शिकार होते हैं—अर्थात हम अपने "भविष्य के स्वरूप" (Future Self) की तुलना में अपने "वर्तमान स्वरूप" (Present Self) की तात्कालिक इच्छाओं को अधिक महत्व देते हैं।
इसे नियंत्रित करने के लिए '10-10-10' टूल का उपयोग करें। कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले पूछें:
- यह निर्णय 10 मिनट बाद कैसा महसूस होगा?
- यह निर्णय 10 महीने बाद कैसा महसूस होगा?
- यह निर्णय 10 साल बाद कैसा महसूस होगा?
यह अभ्यास आपको तात्कालिक भावनाओं (गुस्सा, डर या लालच) के प्रभाव से बाहर निकालकर एक दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य देता है।
--------------------------------------------------------------------------------
5. बैककास्टिंग (Backcasting): सफलता का रोडमैप
योजना बनाने की यह तकनीक आपको भविष्य से वर्तमान की ओर लाती है।
- प्रक्रिया: कल्पना करें कि आप अपना लक्ष्य हासिल कर चुके हैं (जैसे: आपका स्टार्टअप सफल हो गया है)।
- विश्लेषण: अब पीछे मुड़कर देखें कि वहां तक पहुँचने के लिए कौन से महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे? कौन से सही फैसले लिए गए?
यह आपको उन 'कम-संभावना वाले' (Low-probability) इवेंट्स को पहचानने में मदद करता है जिनका होना आपकी सफलता के लिए अनिवार्य है।
--------------------------------------------------------------------------------
6. प्री-मॉर्टम (Pre-mortem): विफलता की पूर्व-कल्पना
जहाँ बैककास्टिंग एक 'चीयरलीडर' की तरह है, वहीं प्री-मॉर्टम एक 'सकारात्मक आलोचक' (Productive Heckler) है। शोध बताते हैं कि नकारात्मक दृश्य (Negative Visualization) वास्तव में सफलता की संभावना को बढ़ा देता है क्योंकि यह आपको बाधाओं के लिए तैयार करता है।
प्री-मॉर्टम कैसे करें?
- कल्पना करें: मान लीजिए कि आपका प्रोजेक्ट बुरी तरह विफल हो गया है।
- कारण खोजें: उन सभी संभावित कारणों की सूची बनाएं जिनकी वजह से यह विफलता हुई होगी (जैसे बजट की कमी, बाजार का बदलना, या टीम का बिखराव)।
- सुधारात्मक कदम: उन बाधाओं को रोकने के लिए आज ही योजना बनाएं।
--------------------------------------------------------------------------------
निष्कर्ष: अनिश्चितता को अपनाएं
एनी ड्यूक का दर्शन हमें सिखाता है कि हम परिणामों को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन हम अपनी निर्णय लेने की प्रक्रिया (Decision Process) को बेहतर बना सकते हैं। लक्ष्य हर बार जीतना नहीं है, बल्कि समय के साथ अपने "दांव" की गुणवत्ता को बढ़ाना है।
जब आप यह समझ लेते हैं कि हार का मतलब हमेशा 'गलत होना' नहीं है, तो आप अधिक शांत और साहसी बन जाते हैं।
चलते-चलते एक विचार: आपका पिछला 'बुरा परिणाम' वास्तव में एक बुरा निर्णय था, या वह सिर्फ 10% वाली बदकिस्मती थी? अपनी प्रक्रिया को सुधारें, भाग्य अपने आप संवर जाएगा।
#ThinkingInBets #AnnieDuke #DecisionMaking #ProbabilityThinking #MentalModels #CriticalThinking #LeadershipDevelopment #SuccessStrategies
