Thinking in between book explain summary and review
निर्णय या भाग्य? एनी ड्यूक से सीखें अनिश्चितता में बेहतर फैसले लेने के 6 क्रांतिकारी सूत्र क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आपने किसी प्रोजेक्ट के लिए दिन-रात एक कर दिया, हर बारीक पहलू पर गहराई से विचार किया, लेकिन अंत में परिणाम एक बड़ी असफलता रहा? ऐसी स्थितियों में हम अक्सर अपनी काबिलियत पर शक करने लगते हैं। लेकिन निर्णय विज्ञान (Decision Science) के विशेषज्ञ के रूप में, मैं आपको एक अलग नजरिया देना चाहता हूँ: एक खराब परिणाम का मतलब हमेशा एक खराब फैसला नहीं होता। मिलिए एनी ड्यूक से। एनी न केवल एक विश्व स्तरीय पोकर चैंपियन (World Series of Poker गोल्ड ब्रेसलेट विजेता) हैं, बल्कि संज्ञानात्मक मनोविज्ञान (Cognitive Psychology) में पी.एच.डी. भी हैं। उन्होंने अपने पोकर के अनुभवों और वैज्ञानिक शोध को मिलाकर एक अनूठा दर्शन विकसित किया है जिसे वे "थिंकिंग इन बेट्स" (Thinking in Bets) कहती हैं। उनका मूल मंत्र सरल है: जीवन शतरंज की तरह नहीं, बल्कि पोकर की तरह है—जहाँ अधूरा डेटा और किस्मत दोनों ही हमारे परिणामों को प्रभावित करते हैं। यहाँ एनी ड्यूक के 6 क्रांतिकारी सूत्र दिए गए हैं ...