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Feel the fear Book summary explanation and review

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  डर का सामना कैसे करें: सुसान जेफ़र्स के ५ जीवन बदलने वाले मनोवैज्ञानिक सबक 1. प्रस्तावना कल्पना कीजिए कि आपको करियर में एक बड़ा बदलाव करना है या किसी बड़ी सभा के सामने बोलना है। क्या आपके पैर डगमगाते हैं? क्या आपका दिल तेज़ी से धड़कने लगता है? लोकप्रिय ब्लॉगर 'टाइगर लिली' के लिए यह एक नियमित दुविधा थी, लेकिन सुसान जेफ़र्स की कालजयी पुस्तक 'फ़ील द फ़ियर एंड डू इट एनीवे' ( Feel the Fear and Do It Anyway ) की मदद से वे न केवल अपने डर से पार पा सकीं, बल्कि हांगकांग जाकर बसने का साहसी कदम भी उठा पाईं। एक आधुनिक मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से, डर कोई बाधा नहीं है जिसे हटाया जाना चाहिए, बल्कि यह आपके 'कंफर्ट ज़ोन' (Comfort Zone) के विस्तार का एक स्वाभाविक संकेत है। 2. डर के तीन स्तर: यह कभी खत्म नहीं होता ( The Three Levels of Fear ) मनोविज्ञान में हम इसे 'संज्ञानात्मक पुनर्संरचना' ( Cognitive Restructuring ) कहते हैं। जब तक आप विकसित हो रहे हैं, डर बना रहेगा। इसे बेहतर समझने के लिए जेफ़र्स ने डर को तीन स्तरों में विभाजित किया है: स्तर १ (सतही डर): यह बाहरी स्...

Mastering The Laws of Human Nature — A Complete Practical Guide

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  इंसानी व्यवहार के वे 5 कड़वे सच जो आपकी सफलता की राह खोल देंगे: 'The Laws of Human Nature' का सार सबसे बड़ा झूठ जो आप खुद से हर सुबह बोलते हैं, वो यह है कि "मैं अपने जीवन और निर्णयों के पूर्ण नियंत्रण में हूँ।" हकीकत इससे कहीं अधिक कड़वी है। आप जिसे अपना 'स्वभाव' या 'इच्छाशक्ति' कहते हैं, वह अक्सर आपके भीतर छिपे एक "अजनबी" (stranger within us) के इशारों पर नाचती है। यह अजनबी वह आदिम शक्ति है जो आपके चेतन मन (conscious mind) से स्वतंत्र होकर काम करती है और आपको आत्म-विनाशकारी पैटर्न की ओर धकेलती है। एक व्यवहार विज्ञान विशेषज्ञ और आधुनिक दार्शनिक के रूप में, मैं आपको रॉबर्ट ग्रीन की कालजयी पुस्तक के उन गहरे सत्यों से रूबरू करा रहा हूँ, जिन्हें स्वीकार किए बिना सफलता का शिखर केवल एक मृगतृष्णा है। 1. तर्कसंगतता का भ्रम (The Illusion of Rationality) आप तर्कसंगत (rational) पैदा नहीं हुए हैं; यह एक ऐसा कौशल है जिसे मरते दम तक साधना पड़ता है। आपकी अधिकांश असफलताएं आपकी "लो-ग्रेड अतार्किकता" (Low-grade irrationality) का परिणाम हैं—वह निरंतर चल...

Courage to be dislike book summary and explanation review

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  खुशी का वह रहस्य जो आपको चौंका देगा: 'द करेज टू बी डिस्लाइक्ड' से 5 क्रांतिकारी सबक क्या आपको कभी ऐसा महसूस होता है कि आपका अतीत आपकी वर्तमान सीमाओं की जंजीर बन गया है? क्या आप अपनी पुरानी यादों या किसी 'आघात' (Trauma) के बोझ तले दबे हुए हैं और मानते हैं कि आपकी आज की स्थिति के लिए बीता हुआ कल जिम्मेदार है? इचिरो किशमी और फुमिताके कोगा की प्रसिद्ध पुस्तक 'द करेज टू बी डिस्लाइक्ड' (The Courage to Be Disliked) हमें एक ऐसा नजरिया देती है जो पहली बार सुनने में कड़वा लग सकता है, लेकिन गहराई में उतरने पर यह पूरी तरह मुक्त कर देने वाला है। यह पुस्तक अल्फ्रेड एडलर के मनोविज्ञान पर आधारित एक दार्शनिक और एक युवक के बीच का संवाद है। एक मनोवैज्ञानिक के रूप में, मैं इसे केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि आत्म-सुधार का एक शक्तिशाली घोषणापत्र मानता हूँ। आइए, उन 5 क्रांतिकारी सबकों को समझते हैं जो आपकी खुशियों के प्रति नजरिए को हमेशा के लिए बदल सकते हैं। 1. आपका अतीत आपकी नियति नहीं है (Teleology vs. Etiology) ज्यादातर लोग 'एटियलजी' (Etiology) यानी 'कारण-प्रभाव' के सि...

Talking with psychopath Book summary explanation and review

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  एक हत्यारे का चेहरा: 'Talking with Psychopaths' से 5 चौंकाने वाले खुलासे 1. प्रस्तावना मानव मस्तिष्क की गहराइयों में दबी 'बुराई' को समझने की जिज्ञासा सार्वभौमिक है। हम अक्सर खुद को यह दिलासा देना चाहते हैं कि 'राक्षस' असल जिंदगी में डरावने दिखते होंगे, ताकि हम उन्हें दूर से ही पहचान सकें। लेकिन एक अपराधी मनोवैज्ञानिक के तौर पर मैं आपको बता दूँ कि वास्तविकता इससे कहीं अधिक विचलित करने वाली (disturbing) है। मशहूर ब्रिटिश क्रिमिनोलॉजिस्ट क्रिस्टोफर बेरी-डी ( Christopher Berry-Dee ) ने दशकों तक दुनिया के सबसे खूंखार अपराधियों के पिंजरों में बैठकर उनकी आंखों में झांका है। उनकी किताब ' Talking with Psychopaths and Savages ' केवल अपराधों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि उस 'साधारणता के मुखौटे' का चीरहरण है जिसे पहनकर ये शिकारी हमारे बीच घूमते हैं। 2. हत्यारों का वर्गीकरण: केवल 'सीरियल किलर' ही सब कुछ नहीं होते अक्सर मीडिया और आम लोग हर बड़े अपराधी को 'सीरियल किलर' की श्रेणी में डाल देते हैं, लेकिन कानून प्रवर्तन (law enforcement) के लिए इन ब...

Designing Your Life: A Complete Guide to Building a Meaningful and Joyful Life

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  अपने जीवन के वास्तुकार बनें: स्टैनफोर्ड के 'लाइफ डिज़ाइन' मॉडल से 5 क्रांतिकारी सबक क्या आप कभी सुबह उठकर यह सोचते हैं कि आप कहाँ जा रहे हैं? क्या आप अपने करियर या व्यक्तिगत जीवन में जड़ता (stuck) महसूस कर रहे हैं? एक जीवन डिज़ाइन कोच के रूप में, मैं अक्सर ऐसे लोगों से मिलता हूँ जो अपने जीवन को 'डिफ़ॉल्ट' मोड पर जी रहे हैं—मानो वे किसी और द्वारा लिखी गई पटकथा का हिस्सा हों। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के डिज़ाइन स्टूडियो में एक प्रसिद्ध साइन बोर्ड लगा है, जिस पर लिखा है: "You Are Here" (आप यहाँ हैं) । यह सरल सा वाक्य डिज़ाइन थिंकिंग का मूल आधार है। बिल बर्नट और डेव इवांस हमें सिखाते हैं कि हम अपने जीवन के 'वास्तुकार' खुद बन सकते हैं। यह लेख केवल सुझावों का संग्रह नहीं है, बल्कि आपके वर्तमान को एक उत्कृष्ट कृति में बदलने का एक बौद्धिक ढांचा है। 1. "ग्रैविटी समस्याओं" की पहचान और स्वीकृति डिज़ाइन की दुनिया में, किसी भी समाधान से पहले 'समस्या की सही पहचान' (Problem Finding) करना अनिवार्य है। हम अक्सर "Wicked Problems" (जटिल और उलझी...

Flowers for Algernon Novelette by Daniel Keyes book summary, explanation and review

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  'Flowers for Algernon' से 5 गहरे जीवन के सबक: क्या केवल बुद्धिमत्ता ही सब कुछ है? कल्पना कीजिए कि आप एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ आपकी मंदबुद्धि का हर कोई मज़ाक उड़ाता है, और अचानक एक वैज्ञानिक प्रयोग आपकी बुद्धि को तीन गुना बढ़ा देता है। रातों-रात आपकी चेतना का विस्तार होता है और आप एक जीनियस बन जाते हैं। डैनियल कीज़ ( Daniel Keyes ) के उपन्यास ' Flowers for Algernon ' में 37 वर्षीय 'चार्ली गॉर्डन' इसी यात्रा से गुजरता है। चार्ली का IQ मात्र 68 था, लेकिन उसमें सीखने की एक तीव्र इच्छा थी, जिसे वह स्वयं "motor-vation" कहता था। एक साहित्यिक समीक्षक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषक के रूप में, जब हम चार्ली की कहानी देखते हैं, तो यह केवल एक विज्ञान-कथा नहीं रह जाती। यह मानवीय गरिमा, अधूरे आघातों और ज्ञान की क्रूरता का एक गहरा दस्तावेज़ बन जाती है। क्या यह बौद्धिक विकास वास्तव में चार्ली के लिए एक वरदान था, या यह उसके एकाकीपन का कारण बन गया? आइए इन 5 गहरे मनोवैज्ञानिक सबकों के माध्यम से इसे समझते हैं। -----------------------------------------------------------...

Man's Search for Meaning is a book by psychiatrist Viktor Book summary explanation and review

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  नरक के बीच जीवन का अर्थ: विक्टर फ्रैंकल के वे 5 सबक जो आपकी सोच बदल देंगे 1. परिचय: नर्क में परखी गई एक सच्चाई कल्पना कीजिए उस क्षितिज की जहाँ धुएँ की चिमनियाँ केवल राख नहीं, बल्कि मानवीय अस्तित्व के अवशेष उगल रही हैं। ऑशविट्ज़ (Auschwitz) की वह धूसर सुबह, कटीले तारों का घेरा और 'कैदी नंबर 119,104'—यह विक्टर फ्रैंकल की वास्तविकता थी। एक अस्तित्ववादी मनोवैज्ञानिक (Existential Psychologist) के रूप में, फ्रैंकल ने उस नर्क को केवल झेला नहीं, बल्कि उसे एक 'जीवित प्रयोगशाला' में बदल दिया। आज के दौर में जब समाज 'अस्तित्ववादी शून्यता' (Existential Vacuum) और अर्थहीनता के खालीपन से जूझ रहा है, फ्रैंकल की 'लोगोथेरेपी' (Logotherapy) महज़ एक अकादमिक सिद्धांत नहीं, बल्कि नर्क की आग में तपकर निकली एक कालजयी सच्चाई है। यह लेख उनकी कालजयी रचना " Man's Search for Meaning " के उन गहन सत्यों का विश्लेषण है जो आपके जीवन को देखने के नज़रिए को आमूल-चूल बदल सकते हैं। 2. जीवन का 'क्यों' (The 'Why'): अस्तित्व का आधार और प्रेम की शक्ति शिविर के अमानव...