The Delhi model book by Jasmine shah explain review and summary
दिल्ली मॉडल: राष्ट्र निर्माण के लिए एक स्टार्टअप दृष्टिकोण 1. प्रस्तावना: शासन का एक नया प्रतिमान (Introduction: A New Paradigm of Governance) भारतीय राजनीति और नीतिगत विमर्श में अक्सर 'विकास' को केवल सड़कों और पुलों के माध्यम से मापा जाता है, लेकिन जैस्मीन शाह की नवीनतम कृति, 'द दिल्ली मॉडल: ए बोल्ड न्यू रोड मैप टू बिल्डिंग ए डेवलप्ड इंडिया' , इस धारणा को मौलिक रूप से चुनौती देती है। आईआईटी मद्रास के स्नातक, कोलंबिया यूनिवर्सिटी में 'फुलब्राइट-नेहरू फेलो' और एमआईटी के जे-पाल (J-PAL) के पूर्व उप-निदेशक के रूप में शाह की विशेषज्ञता इस पुस्तक को केवल एक राजनीतिक विवरणी नहीं, बल्कि एक गंभीर अकादमिक और डेटा-संचालित विश्लेषण बनाती है। शाह इस मॉडल को एक 'पॉलिटिकल स्टार्टअप' के रूप में परिभाषित करते हैं, जिसने पारंपरिक 'ट्रिकल-डाउन' (Trickle-down) अर्थशास्त्र के स्थान पर 'ट्रिकल-अप' (Trickle-up) दृष्टिकोण को अपनाया है। ऐसे समय में जब संयुक्त राष्ट्र के मानव विकास सूचकांक (HDI) में भारत की रैंकिंग 130 से गिरकर 134 हो गई है, दिल्ली का यह मॉडल ...