Play Nice But Win by Michael Dell: Leadership, Strategy & Billion-Dollar Business Lessons Explained
डेल की सफलता के 5 सबसे बड़े सबक: $1,000 के दांव से लेकर AI की दुनिया पर राज करने तक का सफर 1. परिचय: एक 'बीते कल की कंपनी' का शानदार पुनरागमन 5 फरवरी, 2013 को तकनीकी जगत के गलियारों में माइकल डेल के लिए शोक संदेश लिखे जा रहे थे। जिस कंपनी को उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के 'डोबी सेंटर' (Dobie Center) के कमरा नंबर 2713 से मात्र $1,000 और तीन स्क्रूड्राइवर चलाने वाले लड़कों के साथ शुरू किया था, वह अब ढलान पर दिख रही थी। डेल की मार्केट हिस्सेदारी 16.6% से गिरकर 10.7% रह गई थी और स्टॉक की कीमत $55 के अपने शिखर से गिरकर $10 के नीचे आ गई थी। विश्लेषकों का मानना था कि स्मार्टफोन के दौर में डेल एक 'मरता हुआ डायनासोर' है। लेकिन माइकल डेल केवल एक कंप्यूटर निर्माता नहीं, बल्कि 'सिस्टम्स थिंकिंग' (Systems Thinking) के उस्ताद थे। 15 साल की उम्र में एक एप्पल II (Apple II) कंप्यूटर को पुर्जा-पुर्जा खोलकर उसकी बनावट समझने वाले इस शख्स ने अपनी कंपनी को भी पूरी तरह 'डिसमेंटल' (Disassemble) करके फिर से जोड़ने का परिकल्पित जोखिम (Calculated Risk) लिया। आज डे...