How Emotions Are Made Explained: The Revolutionary Neuroscience Behind Human Feelings
आपका मस्तिष्क भावनाएं महसूस नहीं करता, वह उन्हें 'बनाता' है: विज्ञान की 5 चौंकाने वाली खोजें पिछले 2,000 वर्षों से हम एक बहुत बड़े भ्रम में जी रहे हैं। जिसे हम 'कॉमन सेंस' कहते हैं—कि झाड़ी में साँप देखकर डर का एक सर्किट सक्रिय हो जाता है और हम कांपने लगते हैं—वह वास्तव में एक वैज्ञानिक झूठ है। पारंपरिक 'क्लासिकल व्यू' हमें बताता है कि भावनाएं हमारे मस्तिष्क में पहले से इंस्टॉल किए गए छोटे प्रोग्राम हैं, जो बाहरी घटनाओं पर प्रतिक्रिया (React) करते हैं। लेकिन आधुनिक तंत्रिका विज्ञान (Neuroscience) और डॉ. लिसा फेल्डमैन बैरेट का शोध इस 'अनिवार्यतावाद' (Essentialism) को पूरी तरह ध्वस्त करता है। उनकी 'थ्योरी ऑफ कंस्ट्रक्टेड इमोशन' (Theory of Constructed Emotion) के अनुसार, भावनाएं आपके मस्तिष्क में फिक्स नहीं होतीं; आपका मस्तिष्क हर पल उनका 'सृजन' (Construct) करता है। आप अपनी भावनाओं के असहाय शिकार नहीं, बल्कि उनके वास्तुकार (Architect) हैं। यहाँ इस क्रांतिकारी विज्ञान से जुड़ी 5 चौंकाने वाली खोजें दी गई हैं। ------------------------------...